14 October 2011

गुजर गया एक साल

नमस्ते

मई २०१० में ठाले बैठे ब्लॉग रजिस्टर जरुर कर लिया था, पर विधिवत शुरुआत हो पायी अक्टूबर २०१० से| पिछले एक साल में धीरे धीरे ब्लोगिंग को समझा, अभी भी समझ रहा हूँ| बहुत सारे अच्छे दोस्त मिले| जिस से जो मिला, सीखने की पूरी पूरी कोशिश की| कुछ मित्रों की नाराज़ियाँ भी मिलें, बट डेट्स पार्ट ऑफ़ द शो| एक अलग सा परिवार ही बन गया है यहाँ| जिन्हें कभी देखा नहीं,  जिनसे कभी मिले नहीं - उन से अद्भुत सा रिश्ता बन गया है यहाँ पर| ब्लॉग के शुरुआती दिनों में जिन लोगों ने मदद की, उन्हें कभी भुला न पाऊंगा| समय समय पर आप लोगों का उत्साह वर्धन आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा| टिप्पणियों को ले कर बहुत सारे अपनों ने बाकायदा चेट या फोन के माध्यम से उन्हें फिर से ओपन करने के लिए कहा है तो उन की इस आदेशात्मक सस्नेह सलाह को शिरोधार्य करते हुए आज इस पोस्ट से टिप्पणियों को फिर से ओपन कर रहा हूँ|

इसी दरम्यान वातायन और समस्या पूर्ति नामक दो ब्लॉग भी चालू किये| समस्या पूर्ति ब्लॉग पर छंद साहित्य पर काम चल रहा है| और वातायन पर अन्य कवि-शायरों की कृतियों को साझा किया गया| वातायन के अंतर्गत प्रकाशन के लिए जो रचनाएँ आयी हैं, जिनमें छंद और ग़ज़लें दोनों ही शामिल हैं, काफी रोचक हैं, पढियेगा अवश्य| शीघ्र ही उन का प्रकाशन आरम्भ होगा|


मल्टीपल ब्लॉग चलाना वाकई दुष्कर है| इसलिए अब वातायन की नयी पोस्ट्स यहीं ठाले बैठे पर ही लगाने की सोच रहा हूँ| पुरानी पोस्ट्स को वहीं रखते हुए एक पेज पर उन की लिंक्स  दे कर और उसी पेज पर नयी पोस्ट्स की लिंक देना जारी रखूं - जैसा कि मनोज भाई ने किया है, या फिर इस के लिए कुछ और विकल्प भी हैं? आप की सलाह देने की कृपा करें|
 
विगत समय में यदि मुझसे जाने अनजाने में कोई भूल हो गयी हो, तो मैं उस के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ| आप लोगों के आशीर्वाद और सहयोग की वज़ह से ही यहाँ तक का सफ़र मुमकिन हो पाया है, आशा ही नहीं बल्कि पूरा पूरा विश्वास है कि यह सौभाग्य मेरे हिस्से सदैव आता रहेगा|

 
प्रणाम 

20 comments:

  1. बहुत बहुत बधाई|

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  2. एक ब्लॉग पर ही केन्द्रित कर पाता हूँ।

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  3. आपके इस ब्लॉग के जन्‍मदिन से 365 दिन की एक नई यात्रा फिर से शुरू होती है । आपकी ये यात्रा मंगलमय और खुशियों से भरी हो ।

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  4. blog ke janmdin kee badhai sweekar karen
    ap ke blogs isee tarah pragati ke marg par age badhte rahen aur ham ap ko badhai dete rahen

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  5. टिप्‍पणियों का विकल्‍प खुला, यह पाठकों के लिए अच्‍छा हो गया। आपको बधाई।

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  6. प्रार्थना कि सफर यूँ ही जारी रहे....
    सादर बधाइयां....

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  7. एक वर्ष ब्लॉगिंग का और आप ....आपको ढेर सारी शुभकामनायें आगे बढ़ते रहें प्रगति करते रहें

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  8. एक वर्ष पूरा हुआ...ढेर सारी शुभकामनाएँ|
    आपके बलॉग पर १००वीं सदस्य बनी हूँ...तीन अंकों की शुरूआत कर दी मैंने|

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  9. ब्लॉग के प्रथम जन्मदिवस की ढेर सारी बधाइयाँ.

    टिप्पणियों फिर से शुरू करने के लिये धन्यबाद. बहुत असहाय महसूस होता है जब टिप्पणी ब्लाक कर देते है. कारन चाहे जो भी हो. मैंने पोस्ट में दिए ईमेल से मेल करने की भी चेष्टा की कई बार परन्तु सफल नहीं हो सकी.

    शुभकामनाएँ द्वितीय वर्ष में नए आसमान छूने के लिये.

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  10. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें नवीन जी ....
    आपका साहित्यिक प्रयास सराहनीय है |

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  11. ये भाई कितना लिखते हो.... क्या कुछ काम नहीं करते हो.....
    क्या कहा लिखना भी काम है...भैया किस दुनिया में रहते हो......
    लिखने से दिमाग की भूख मिटती है..पेट क्या लंगर में भरते हो.....
    क्या कहा अमीरी है हासिल तुमको...तो क्या तुम भी चारा चरते हो...

    (वास्तव में बहुत अच्छा और बहुत सी विधाओं में लिखते हैं आप...... अच्छा लगा आपसे मिलके....)


    मनोज

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  12. एक वर्ष पूरा होने पर बहुत बहुत बधाई सर!
    आपके लेखन का यह सफर यूं ही चलता रहे।

    सादर

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  13. एक वर्ष पूरा होने पर बधाई और शुभकामनाएं.

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  14. ब्लॉग का एक वर्ष पूरा होने पर बहुत बहुत बधाई !
    इतना काम आपने किया है कि लगता है आप बहुत समय से सक्रिय हैं …
    निरंतर सृजनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहें … कोटिशः शुभकामनाएं !!

    टिप्पणियों को फिर से ओपन करने के लिए शुक्रिया … :)

    ॠताजी की टिप्पणी पढ़ कर हमने अपने आप को आपके यहां ढूंढ़ा …
    भूल सुधार के साथ हमेशा के लिए ठाले-बैठे के हो गए हैं अब हम भी :))

    त्यौंहारों के इस सीजन सहित
    आपको सपरिवार
    दीपावली की अग्रिम बधाइयां !
    शुभकामनाएं !
    मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  15. ढेर सारी शुभकामनायें !

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  16. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !

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  17. बहुत-बहुत बधाई और शुभकामना...टिप्पणी आप्शन खोलकर आपने कम-से-कम हमारा काम तो आसान कर ही दिया। चर्चामंच पर पोस्ट लगानें के बाद सूचित करने में कई बार असफल रहा हूँ

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