8 September 2011

श्री गणेश वंदना

SHRI GANESH

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वन्‍दहुँ विनायक, विधि-विधायक, ऋद्धि-सिद्धि प्रदायकम्।
गजकर्ण, लम्बोदर, गजानन, वक्रतुण्ड, सुनायकम्।।
श्री एकदन्त, विकट, उमासुत, भालचन्द्र भजामिहम।
विघ्नेश, सुख-लाभेश, गणपति, श्री गणेश नमामिहम ।।

नवीन सी. चतुर्वेदी

[इस हरिगीतिका छंद को स्वर दिया है भाई श्री राजेन्द्र स्वर्णकार जी ने]

Youtube Link:- https://www.youtube.com/watch?v=MVeJargL3eI

9 comments:

  1. कल 09/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. जात - पांत न देखता, न ही रिश्तेदारी,
    लिंक नए नित खोजता, लगी यही बीमारी |

    लगी यही बीमारी, चर्चा - मंच सजाता,
    सात-आठ टिप्पणी, आज भी नहिहै पाता |

    पर अच्छे कुछ ब्लॉग, तरसते एक नजर को,
    चलिए इन पर रोज, देखिये स्वयं असर को ||

    आइये शुक्रवार को भी --
    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. गणेश जी का इतना सुन्दर छंद ... बहुत ही मज़ा आया नवीन जी ...

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  4. प्रिय बंधुवर नवीन जी
    सस्नेहाभिवादन !


    वन्‍दहुं विनायक, विधि विधायक, ऋद्धि-सिद्धि प्रदायकं।
    गजकर्ण, लम्बोदर, गजानन, वक्रतुंड, सुनायकं।।
    श्री एकदंत, विकट, उमासुत, भालचन्द्र भजामिहं।
    विघ्नेश, सुख-लाभेश, गणपति, श्री गणेश नमामिहं ।।


    बहुत मनोहारी शब्दावली में हरिगीतिका छंद का उदाहरण रखा है …
    आपको ♥ हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !♥


    समस्या पूर्ति मंच पर हरिगीतिका के स्वागत के लिए प्रतीक्षा है …

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  5. जय जय गणपति देवा।

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  6. बहुत ही सुंदर गणपति वन्दना बहुत बधाई आपको /




    please visit my blog
    www.prernaargal.blogspot.com

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  7. Youtube Link of the above Ganesh Stuti
    https://www.youtube.com/watch?v=MVeJargL3eI

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    Replies
    1. https://www.youtube.com/watch?v=MVeJargL3eI

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काव्य गुरु
प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी

काव्य गुरु <br>प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी
जन्म ११ मई १९३१
हरि शरण गमन १४ मार्च २००५

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