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भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी - तुलसीदास

राम जन्म

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . 
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. 
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . 
भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. 

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी किहिं बिधि करौं अनंता .

हमें उम्र भर मम्मी पापा के सँग में ही रहना है - 30 मात्रा वाले 6 प्रकार के छंद


प्यारी प्यारी मम्मी जब भी अपनी धुन में आती थी
गोदी में ले कर के हमको ट्विंकल ट्विंकल गाती थी
गोल गोल रसगुल्ले जैसे गालों को सहलाती थी
पकड़ हमारी नक्को रानी हँसती और हँसाती थी

पापा घर में कम रहते थे ऑफिस भी तो जाते थे
चोर नज़र से हमें देख कर मंद मंद मुस्काते थे 
खूब मज़े करवाने हमको पिकनिक पर ले जाते थे  
दोस्त समझ कर दुनियादारी की बातें समझाते थे