हवा चिरचिरावै है, ब्योम आग बरसावै,
जल हू जरावै - जान - इन सों बचाय दै
केवड़ा, गुलाब और चन्दन की लाग दै कें
खिरकी झरोखन में खस लगवाय दै
आगरे कौ पेठौ लाय ल्होरे टुकड़ा कराय
बर्फ सङ्ग ताहि कोरे कुल्ला में धराय दै
एक उपकार और कर दै 'नवीन' प्यारे
अपनी बगल नेंक परें सरकाय दै
:- नवीन सी. चतुर्वेदी