हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
राम ने जब पिनाक उठाकर,
प्रत्यंचा होगी चढ़ाई ,
तब क्या एक सांस सुकून की
सीता ले पायी होगी ?