हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
हाल अपना बता नहीं सकते
दिल का दुखड़ा सुना नहीं सकते
बातों-बातों में रूठ जाते हो
अब के तुमको मना नहीं सकते