हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
दो नैनों ने मान ली, दो नैनों की बात
दो जोड़ी नैना जगें, सारी सारी रात
कच्ची मिट्टी ले रही, अगर ग़लत आकार
मिट्टी नहीं कुम्हार है, इसका ज़िम्मेदार