हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
(दोहा छन्द आधारित गीत)
भास्वर है भ्रू-भंगिमा, भव्य रुचिर रस-रीति
प्रकट करे पल-पल पलक, पुलकित प्रणय-प्रतीति