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शायरी आज भी कंटेंट नहीं आर्ट ही है

इस बात में कोई दो राय नहीं कि सोश्यल मीडिया की इस अन्धी दौड़ में और विशेषकर बुलेट ट्रेन की स्पीड में दौड़ती रीलों वाले इस दौर में शायरी नयी चुनौतियों से जूझ रही है.