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कार्यक्रम समाचार - ‘बतरस’ में व्यक्त हुए प्रेम के विविध रूप - डॉक्टर मधुबाला शुक्ल

शरत् ऋतु के मदनोत्सव और ‘वेलेंटाइन डे’ दोनो के उपलक्ष्य में ‘बतरस’ ने फ़रवरी महीने में ‘है प्रेम जगत में सार’ कार्यक्रम आयोजित किया
, जिसमें मुम्बई के गोरेगाँव उपनगर में स्थित ‘केशव गोरे स्मारक भवन’ की छत विविधरूपी प्रेम-चर्चा से गुंजायमान हो उठी।

मधु की कलम से - अन्धायुग: एक युग की प्रतिश्रुति

डॉ. धर्मवीर भारती द्वारा रचित ‘अंधा युग’ (१९५३ ई.) हिंदी साहित्य का एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्रभावशाली काव्य-नाटक है। ‘अंधा युग’ का कथास्रोत महाभारत है। 

कार्यक्रम समाचार - कवि नीरज : स्मृतियों में बसा एक उजला व्यक्तित्व – डॉ. मधुबाला शुक्ल

मुम्बई की सांस्कृतिक संस्था ‘बतरस’ ने हिंदी काव्य मंच के सबसे लोकप्रिय कवियों में एक गोपालदास सक्सेना नीरज पर शनिवार 10 जनवरी, 2026 को ‘शताब्दी स्मरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया।

शताब्दी वर्ष पर मोहन राकेश को याद किया ‘बतरस’ ने - डॉ मधुबाला शुक्ल

मुंबई के ‘केशव गोरे ट्रस्ट’ सभागार में शहर की सांस्कृतिक संस्था ‘बतरस’ के दूसरे दौर का २७वां मासिक आयोजन सम्पन्न हुआ। प्रमुख वक्तव्य देते हुए डॉ. दयानंद तिवारी ने मोहन राकेश को