फल की सफलता में मूल ही अधार होत
मूल कौ अधार बीज, बीज धरा धारती
धरा उरबरा हेतु नीर है अधार सार
नीर की अधार, नभ - घटा वारि ढारती
'प्रीतम' विवेक, ता की - बुद्धि त्यों अधार रही
बुद्धि की अधार सिच्छा - नेकता उभारती
नेकता अधार प्यार, एकता की माल गुहै
एकता अधार राष्ट्र - भाषा एक भारती
:- यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम'