हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
जीवन का यह ज्ञान, झोली में भरले अभी।।
कल-कल करता बहता जाए।
जीवन में गति रहे निरन्तर,
सबको यह संदेश सुनाए।।
छवि श्याम की अनुपम लगे, प्रिय राधिका के संग
मुस्कान है जादूभरी, भरती हृदय, निज रंग