छवि श्याम की अनुपम लगे, प्रिय
राधिका के संग
मुस्कान है जादूभरी, भरती हृदय, निज रंग
धुन बाँसुरी, अनुराग भर, छेड़े
नयी मृदु तान
हे! कृष्ण की सुंदर सखी, क्यों है
तुम्हें अभिमान
गीता पढूँ, श्रीकृष्ण का हर सूत्र में है
ज्ञान
मद- मोह का कर त्याग, अब थोड़ा हुआ है भान
जीवन यहाँ, सच, युद्ध है, प्रति पल
बना अंगार
बस प्रेम ही सारांश है, निस्सार
है, संसार
झूलना छन्द विधान
यह एक मात्रिक छन्द है जिसकी प्रत्येक पंक्ति में
कुल 26 मात्राएं होती हैं.
7,7,7,5 मात्रा पर यति एवं चरणांत में गुरु लघु
अनिवार्य होता है.

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