सीधे सादे शब्द हैं, भाव बड़े ही गूढ़।
अन्नपचीसी खोल ले, अर्थ जान ले मूढ़।
कबिरा खड़ा बज़ार में लिए लुकाठी हाथ।
बंदा क्या घबराएगा जनता देगी साथ।
छीन सके तो छीन ले, लूट सके तो लूट।
मिल सकती कैसे भला अन्न चोर को छूट।
अन्नपचीसी खोल ले, अर्थ जान ले मूढ़।
कबिरा खड़ा बज़ार में लिए लुकाठी हाथ।
बंदा क्या घबराएगा जनता देगी साथ।
छीन सके तो छीन ले, लूट सके तो लूट।
मिल सकती कैसे भला अन्न चोर को छूट।