गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएँ
हर इक हिन्दुस्तानी जब खुल कर अपनी ज़िद पर आया|
परतन्तर की हार हुई, हमने परजातन्तर पाया|१|
जिनके नाम पता उनको तो दिल्ली याद करेगी ही|
हम उनको भी याद करें दिल्ली ने जिनको बिसराया|२|
वंदे माSतरम को गा कर अजब सुकूँ सा मिलता है|
उस का रौब अलग होता जिसने कि तिरंगा फहराया|३|
छुट्टी का कारण बन के रह जाए ना गणतंत्र दिवस|
इसीलिए मैने बच्चों सँग राष्ट्र-गान तन कर गाया|४|