साहित्यम्
हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
वसंत ऋतु
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
वसंत ऋतु
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
आउते बसंत कंत संत बन बैठे री - यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम'
चाँह चित चाँहक की चाँहि कें चतुर चारु,
चाउ ते चली कर चरचित इकैठे री
पाउते सु
'
प्रीतम' के हाव दरसाउ भूरि
भाउते करौंगी मिल मन के मनेंठे री
जाउते बिलोके तौ बरन कछु औरें बन्यौ
Read more »
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)