सीधा साधा डाकिया जादू करे महान
इक ही थैली में भरे आँसू अरु मुस्कान ॥
घर को खोजे रात दिन घर से निकले पाँव
वो रस्ता ही खो गया जिस रस्ते था गाँव॥
मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार
दिल ने दिल से बात की बिन चिठ्ठी बिन तार॥
बच्चा बोला देखके मस्जिद आलिशान
अल्ला' तेरे एक को इत्ता बड़ा मकान॥
इक ही थैली में भरे आँसू अरु मुस्कान ॥
घर को खोजे रात दिन घर से निकले पाँव
वो रस्ता ही खो गया जिस रस्ते था गाँव॥
मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार
दिल ने दिल से बात की बिन चिठ्ठी बिन तार॥
बच्चा बोला देखके मस्जिद आलिशान
अल्ला' तेरे एक को इत्ता बड़ा मकान॥