(आधार छंद - अरिल्ल छंद, कुल – संस्कारी, 16 मापनी
का सममात्रिक छंद, चरणान्त - 122/11)
निज को कभी नहीं बहकाना
माया देख नहीं भरमाना
(आधार छंद - अरिल्ल छंद, कुल – संस्कारी, 16 मापनी
का सममात्रिक छंद, चरणान्त - 122/11)
निज को कभी नहीं बहकाना
माया देख नहीं भरमाना