हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
माना कि तुझसा है नहीं तैराक यार देख
इस फील्ड में है तू बड़ा ही होनहार देख
लेकिन ज़माने पर नहीं है एतबार देख