हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
उमर जवान चमक चेहरे पै शान शकल का सूणा हे।
चंद किरण तेरी झांकी नीचै बाबा लारया धूणा हे।