Taruna Mishra लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Taruna Mishra लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

ग़ज़ल - आधी अधूरी ज़िंदगी आपस में बाँट ली - तरुणा मिश्रा

 


आधी अधूरी ज़िंदगी आपस में बाँट ली 

बुझते दियों ने रोशनी आपस में बाँट ली

 

सब कुछ ख़ुदा पे छोड़ के दोनों हैं मुतमईन

उम्मीद जो थी आख़िरी आपस में बाँट ली