30 November 2014

एक कविता - उर्मिला माधव

सुनो डॉक्टर कह रहे हैं –

उर्मिला माधव




सुनो,
डॉक्टर कह रहे हैं कि अब मैं ,
अधिक नहीं जीयूँगी,
ये बताओ मेरे मरने के बाद,
तुम क्या-क्या करोगे ?
अच्छा ठीक है,
चलो कुछ बातें मैं ही बताती हूँ,
मेरी मौत जब निश्चित होजाए,
तब तुम कुछ नियमों के पालन करना,
जैसे अगर तुम नहीं रहते तो मुझे करने होते,
जैसे चूड़ियों का तोड़ना,
पर तुम चूड़ी नहीं पहनते,
तब ऐसा करना अपने हाथ की घड़ी,
परिवार के सहयोग से,पत्थर से तोड़ देना,
और उम्र भर को कसम रहे कि,
घड़ी का पहना जाना एक अपराध की तरह हो,
सिदूर तुम लगाते नहीं,
बाल मुंडवा लेना,
जब तक साँसे चलें,दोबारा कभी मत रखना केश,
किसी भी शुभ काम में,कभी झांकना भी मत ,
अगर छू दोगे तो अपशकुन न हो जाए,
इसका पूरा ध्यान रखना,
हाँ तुम्हारे पैसे,संपत्ति,
और बहुत सी कीमती चीज़ें कार,बंगला ज़मीनें,
जो भी तुम्हारा होगा सब शुभ ही रहेगा,
अशुभ सिर्फ़ तुम्हें होना है,
तुम्हारी कीमती चीज़ों को नहीं....
ध्यान रहे...


उर्मिला माधव...  9873772808

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काव्य गुरु
प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी

काव्य गुरु <br>प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी
जन्म ११ मई १९३१
हरि शरण गमन १४ मार्च २००५

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