हरियाली हँसती आई,
लाल गुलाबी कलियों ने
देखो मस्ती खूब मचाई।
फूलों की वो सखी निराली,
प्यारी-प्यारी तितली रानी।
रंगों वाली है मतवाली,
नहीं कोई है उसका सानी।
पीपल,नीम,आम की
डाली,
झूम-झूम लहराती हैं,
नन्हीं-नन्हीं चिड़िया गाती,
मीठा गान सुनाती हैं।,
छोटे-छोटे पौधे डोले,
पानी हमको पिलवाओ।
धूप-हवा के संग बोले,
झूला हमको झुलवाओ।
धरती माँ मुस्काएगी,
जब हम मिलकर गाएंगे
फूल, पेड़ और हरियाली
सब मिल उन्हें बचाएंगे।

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