01.01.2026

नमस्कार

ईस्वी सन 2025 की विदाई और 2026 का पदार्पण हो चूका है. नूतन केलेंडर वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएँ. परमपिता परमेश्वर से यही प्रार्थना है कि आगामी केलेंडर वर्ष में भी हम सभी साहित्यिक

क्रियाकलापों के और भी अधिक आनन्द लूटें और लुटाएं. गत वर्ष साहित्यिक क्रियाकलापों को लेकर बहुत ही समृद्ध रहा. विशेष कर यह पोर्टल जो लगभग निष्क्रिय जैसी अवस्था में था पुनः क्रियाशील हुआ. सभी साथियों के साहित्यिक सहयोग के लिए बहुत बहुत आभार. नववर्ष का आरम्भ इन रचनाओं के साथ करते हैं.

 

1.       कविता - पहली फूँक - सत्यवती मौर्य

2.       'गुनाहों का देवताऔर 'रेत की मछलीकी एक तफ्तीश – हरगोविन्द विश्वकर्मा

3.       दोहे - रवि यादव ’रवि‘

4.       अशोक 'अंजुमके सर्दी के दोहे

5.       दोहे - विजेन्द्र शर्मा

6.       कुण्डलिया छन्द - गाफिल स्वामी

7.       लघुकथा - धूप के रंग  - योगराज प्रभाकर

8.       लघुकथा – पासा - सतीश दुबे

9.       लघुकथा - दीपक बनो - डॉ. पूजा हेमकुमार अलापुरिया 'हेमाक्ष'

10.  नवगीत - क़दों को नापने  बौने खड़े हैं - सीमा अग्रवाल

11.  नवगीत - मैं क्या आज लिखूँ – रवि खण्डेलवाल

12.  बालगीत - मेरे प्यारे  मामा जी - आशा पाण्डेय ओझा 'आशा'

13.  अवधी लोकगीत – दुअरे पर आइल बारात – कुसुम तिवारी ‘झल्ली’

14.  ब्रजभाषा के तुक्तक - भाड़ में जान्दैहमै का परी – रेणु शर्मा

15.  मैथिली कविता - तीलक तार – अम्बिका झा

16.  मुक्तक - अश्विनी उम्मीद लखनवी

17.  संस्कृत गजल - हृद्यमादौ च वेदनामन्ते - डा० लक्ष्मी नारायण पाण्डेय

18.  ब्रजगजल - कहा भर्यौ करतार तिहारी अँखिय’न में – कृष्ण कुमार ‘कनक’

19.  हिन्दी गजल - मैं  मरुथलवो  सावन होता – पुष्पेन्द्र ‘पुष्प’

20.  हिन्दीगजल - सबके झगड़ों को सुलझानाछोड़ चुका हूँ - अटल राम चतुर्वेदी

21.  भोजपुरी गजल - बचपन के हमरा याद के दरपन कहाँ गइल - मनोज भावुक

22.   ગુજરાતી ગઝલ - વારતા છે એટલીઆગળ નથીઅંજના ભાવસારઅંજુ

23.   ગુજરાતી ગઝલ - પ્રેમ રોપીને હ્રદયમાં મોકલ્યા'તાં ઈશ્વરેદેવાંગ પારીખ

24.   ગુજરાતી ગઝલ  - શેનું છાંટીને નીકળે છે અત્તર જેવુંદિલીપ રાવલ

25.  मराठी ग़ज़ल - भाग्यात जे न लिहिले ते लाभणार नाही - देवदत्त संगेप

26.  राजस्थानी गजल – हुयो म्हैं बावळो ; था'रै ई जादू रौ असर लागै – राजेन्द्र स्वर्णकार

27.  ग़ज़ल - सुख की बाँहों में कभी प्यार से घेरे जाएँ - के पी अनमोल

28.  ग़ज़ल - जवाँ अब हो गया बेटा वो ऊँचा बोल सकता है – असलम हसन

29.  ग़ज़ल – हाल अपना बता नहीं सकते – अफ़सर दकनी

30.  व्यंग्य - कंजूसों  का  बादशाह - डॉ. प्रमोद सागर

31.  और भी शानदार रही नस्ल-ऐ-नौ भारत मुशायरे की तीसरी कड़ी – उमेश कुमार शर्मा

32.  शताब्दी वर्ष पर मोहन राकेश को याद किया ‘बतरस’ ने - डॉ मधुबाला शुक्ल

33.  भारतीयता के मूल तत्व से ओत-प्रोत व्यक्तित्व यानि रमेश कँवल 

34.  "ब्रजभाषा के प्रतिनिधि गजलकार" का लोकार्पण कार्यक्रम 

 

आशा करते हैं आप को हमारे प्रयास पसंद आ रहे होंगे. आपके बहुमूल्य सुझावों का सदैव की भाँति सहर्ष स्वागत है. व्हाट्सअप पर भेजी रचनाएँ गुम हो जाती हैं इसलिए इस पोर्टल पर प्रकाशनार्थ अपनी रचनाएँ फोटो सहित navincchaturvedi@gmail.com पर ईमेल करने की कृपा करें.

 

सादर सप्रेम जय श्री कृष्ण

 

नवीन सी. चतुर्वेदी

ब्रजगजल प्रवर्तक एवं बहुभाषी शायर

मथुरा – मुम्बई

9967024593

navincchaturvedi@gmail.com


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