14 March 2012

होली पर एक हज़ल [ncc]

रंगोत्सव की शुभकामनायें

होली के मौक़े पर आप सभी को गुदगुदाने के लिये एक हज़ल। ये हज़ल पंकज सुबीर जी द्वारा आयोजित तरही मुशायरे के लिये कही है। 

घड़ी में याँ ठुमकता है घड़ी में वाँ मटकता है
मेरा महबूब है या कोई बे-पैंदे का लोटा है   

वो हथिनी है तो है, पर उस का चेहरा चाँद जैसा है
वो जब साहिल पे चलती है, समंदर भी उछलता है  


बहुत सम्मान देता है उसूलों को मेरा बलमा   
मुहूरत शोध कर ही वो मेरे नज़दीक आता है   

बहुत ही ध्यान रखता है सफ़ाई का मेरा चिरकुट  
मुझे मिलने से पहले वो पसीनों से नहाता है 
 

उसे लगता है बस उल्लू पे ही आती हैं लक्ष्मी माँ
बस इस कारन से ही वो बावला 'उल्लू का पट्ठा' है  
नया फैशन बयानों का चला है जैसे दुनिया में
"कोई जूते जमाता है कोई चप्पल चलाता है"
अनायास ही दूसरे शेर में हास्य और श्रंगार रस का अनपेक्षित मिश्रण हो गया है।
इस हज़ल के तीसरे और चौथे शेर को रेख़ती पर केन्द्रित कर के कहा गया है । गुरुदेव तुफ़ैल जी से मालूम हुआ कि स्त्रियॉं के द्वारा स्त्रियॉं से, स्त्रियॉं की ज़ुबान में की जाने वाली बात को रेख़ती की श्रेणी में सम्मिलित किया जाता है।

14 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सपरिवार होली की मंगलकामनाएँ!

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति| होली की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  3. सुन्दर समयानुकूल रचना....बहुत बहुत बधाई...होली की शुभकामनाएं....

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  4. बहुत बेहतरीन प्रस्तुति,सुंदर हास्य गजल.
    नवीन जी,.सपरिवार होली की बहुत२ बधाई शुभकामनाए...
    RECENT POST...काव्यान्जलि ...रंग रंगीली होली आई,

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  5. दिनेश की टिप्पणी : आपका लिंक

    dineshkidillagi.blogspot.com

    होली है होलो हुलस, हुल्लड़ हुन हुल्लास।

    कामयाब काया किलक, होय पूर्ण सब आस ।।

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  6. वाह! जी बहुत सुन्दर हजल..
    होली की आपको बहुत बहुत शुभकामनाएँ.

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  7. हा-हा-हा ...
    मज़ेदार!
    हैप्पी होली।

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  8. :-)

    बहुत बढ़िया सर...
    अपनी बात भी कही और नारियों की तरफ से भी बोले....
    शुक्रिया..

    आपको होली की अनेकों मंगलकामनाएं.

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  9. होली की मस्ती उतार आई है हजल में...

    होली की शुभकामनायें

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  10. होली के अनुकूल हास्य रचना
    होली की अनेकों शुभकामनाएं.

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  11. होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  12. हा हा हा। होली गुज़र जाने के बाद पढ़ी। मगर मज़ा आ गया। बेहतरीन, बेहतरीन

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  13. .


    वाह !
    :) सुंदर हास्य ग़ज़ल है …
    आनंद आ गया … आभार !


    स्वीकार करें मंगलकामनाएं आगामी होली तक के लिए …
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    ♥होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार !♥
    ♥मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !!♥


    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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