सत्य ही तो है जब जब जो जो होना है तब तब सो सो होता है.
जबसे
वेबपोर्टल साहित्यम आरम्भ हुआ तबसे हर बार सोचा कि एक विशेषांक महिलाओं पर
केन्द्रित करना चाहिए. अनेक बार चेष्टा की परन्तु येन-केन-प्रकारेण काम हो नहीं
पाया. अब पता चलता है कि इस काम का सेहरा अर्चना वर्मा सिंह के सर बँधना था इसलिए
यह काम पोस्टपोन होता रहा. जैसे ही मैंने अर्चना से कहा वह तुरन्त तैयार हो गईं और
बस यह अद्यतन अब आप के समक्ष है. इस बार की रचनाएँ:
1. अतिथि सम्पादकीय - अर्चना वर्मा सिंह
2. कविता - वक्त की अहमियत – शशि दीप
3. कविता - मन की लिपि - अनिता सुरभि
4. कविता - निधी सिंह खींची
5. कविता – सुकून - हर्षा खेड़ा खन्ना
6. कविता - हिसाब किताब में कच्ची महिलाएँ - अम्बिका झा
7. कविता - मैंने रास्तों से ज्यादा खुद को पढ़ा है इस साल - कल्याणी गुप्ता 'कृति'
8. व्यंग्य - टेस्टायमान भव - अर्चना चतुर्वेदी
9. कहानी – कृतज्ञता – आशा पाण्डेय ‘ओझा’
10. लघुकथा - माघ की ठिठुरन में हरीराम की झोपड़ी – सुनीता चौधरी
11. मधु की कलम से - अन्धायुग: एक युग की प्रतिश्रुति
12. झूलना छंद - विनीता निर्झर
13. सायली - ललिता जोशी
14. माहिये - डॉ. मधु गुप्ता
15. गीत - निज को कभी नहीं बहकाना - श्रद्धा पाठक ‘स्वस्ति’
16. गीत - जब हूक उठे व्याकुल दिल में, और
धड़कन रुकती सी लागे - दीपशिखा सागर
17. गीत - सूझें कहीं न राहें, भ्रम जाल है बिछाता
- रश्मि शुक्ल 'किरण'
18. गीत - संकेतों में प्रेम - सुविधा पंडित
19. गीत - हर बूँद में पीड़ा झरे, इतना विरह मत दीजिए
- डॉ माधुरी डड़सेना "मुदिता "
20. नवगीत - त्राहि-त्राहि करती है धरती, पौधे
हरे लगाओ - डॉ ऋतु अग्रवाल
21. नवगीत - प्रेम बंधक - सीमा अग्रवाल
22. संस्कृत गीति – मधुमासः – डॉ. रेखा शुक्ला
23. संस्कृत गीति – अयि शातनाहतपादपाः – डॉ.
नवलता
24. संस्कृत गीति - हे भरतमातः! ते नमः - डॉ. कमला पाण्डेय
25. अवधी लोकगीत - हम तो हई बाबा अंगना के चिड़िया - किरन तिवारी
26. अवधी लोकगीत – गवनवां हम कबहुँ न जइबे – कुसुम तिवारी ‘झल्ली’
27. ब्रजगजल - प्रेम कौ अनुपात आखिर कैसैं आँकौ जायगौ – उर्मिला माधव
28. हिन्दी गजल - भीड़ दुखों की पल-पल भारी रहती है – डॉ. दमयन्ती शर्मा ‘दीपा’
29. हिन्दी गजल - न पौरुष और न ही पुरुषार्थ समझा – पूनम विश्वकर्मा
30. ગુજરાતી ગઝલ - કલમનો સાથ લઈ મથવાનું બાકી છે - અંકિતા મારુ 'જીનલ'
31. मराठी गझल - जरा जरा माझ्या डोक्याला ताप पाहिजे - पूजा भडांगे
32. भोजपुरी गजल - एक दिन एक साल गुजरत बा - वीणा सिन्हा
33. सॉनेट - तेरे हरूफ़ चमकते हैं मोतियों की तरह – इस्मत जैदी शिफ़ा
34. ग़ज़ल - वादियों से ख़ामुशी के ज़ख़्म वो धोने लगा - मुमताज़ अज़ीज़ नाज़ाँ
35. ग़ज़ल - इन निगाहों पे मुहब्बत में है इल्ज़ाम बहुत - अर्चना वर्मा सिंह
36. ग़ज़ल - कहें क्या हुआ हमको क्या रफ़्ता-रफ़्ता – डॉ. अनिषा अंगरा ‘अंगिरा’
37. ग़ज़ल - उसने तुमको क्या कुछ दे के नवाज़ा है – मधु ‘मधुमन’
38. कवि नीरज : स्मृतियों में बसा एक उजला व्यक्तित्व – डॉ. मधुबाला शुक्ल
इस अद्यतन की सारी अच्छाइयां
अतिथि सम्पादक अर्चना वर्मा सिंह की हैं और यदि कहीं कुछ कमी रह गयी है तो वह मेरी
कमी जानकार क्षमा कर दें और साथ ही ध्यानाकर्षण करने की कृपा करें.
यदि सम्भव हुआ तो अगला
अद्यतन यानि 1 मार्च 2026 का अद्यतन भी हम महिला विशेषांक के रूप में ही सोच रहे
हैं. हमारा यह प्रयास कैसा लगा अवश्य बताएं. आशा करते हैं आप को हमारे प्रयास पसंद
आ रहे होंगे. आपके बहुमूल्य सुझावों का सदैव की भाँति सहर्ष स्वागत है. व्हाट्सअप
पर भेजी रचनाएँ गुम हो जाती हैं इसलिए इस पोर्टल पर प्रकाशनार्थ अपनी रचनाएँ फोटो
सहित navincchaturvedi@gmail.com पर ही ईमेल के द्वारा भेजने की कृपा करें.
सादर सप्रेम जय श्री कृष्ण
नवीन सी. चतुर्वेदी
ब्रजगजल प्रवर्तक एवं बहुभाषी शायर
मथुरा – मुम्बई
9967024593

उत्कृष्ट प्रयास
जवाब देंहटाएंआपका यह प्रयास वंदनीय, है, परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि साहित्यमः साहित्यिक जगत में नवीन ऊंचाइयां स्पर्श करे।
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