26 October 2011

दीपावली के दोहे - गोरी तुझसे फूटते फुलझड़ियों से रंग - नवीन

प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

दसों दिशा जगमग हुईं, धरती-गगन ललाम|
पहुँचे थे जिस क्षण अवध, लक्ष्मण-सीता-राम|१|

बम्ब पटाखे फूटते, कोलाहल के संग|
मनमोहक लगते मगर, फुलझड़ियों के रंग|२|

सजनी सजना से कहे, सजन सजाओ साज|
मुझे लादिए प्रीत से, धनतेरस है आज|३|

प्रीतम-पाती पढ़ रहे, प्रीत पारखी नैन|
शब्दों में ही ढूंढते, दीप अवलि सुख दैन|४|

कल-कल कहते कट गया, कितना काल कराल|
इस दीवाली तो सजन, दिल को कर खुशहाल|५|

अत्युत्तम, अनुपम, अमित, अद्भुत, अपरम्पार|
सुंदर, सरस, सुहावना, दीपों का त्यौहार|६|

यही बात कहते रहे, हर युग के विद्वान्|
दीपक-ज्ञान जले तभी, मिटे तमस-अज्ञान|७|

बुधिया को सुधि आ गयी, अम्मा की वो बात|
दिल में रहे उमंग तो, दीवाली दिन-रात|८|

दीवाली का है यही, दुनिया को सन्देश|
अपनों को भूलो नहीं, देश रहो कि विदेश|९|

चूनर साड़ी ओढ़ना, बिंदिया, कंगन संग|
गोरी तुझसे फूटते फुलझड़ियों से रंग|१०|

सजा थाल पूजा करें, साथ रहे परिवार|
हर घर में ऐसे मने, दीवाली त्यौहार|११|

रसबतियाँ बतिया रहे, ले हाथों में हाथ|
ये दीवाली ख़ास है, दिलदारा के साथ|१२|

बम्ब पटाखे फुलझड़ी, धरे अनोखे रंग|
खील बताशे खो रहे, पर, हटरी के संग|१३|

भरे पड़े हर सू, यहाँ, ऐसे भी इंसान|
फुस्सी बम से हौसले, रोकिट से अरमान|१५| 

बहना की कुंकुम लगे, हर भाई के माथ|
मने दूज का पर्व भी, दीवाली के साथ|१६|

मातु, पिता, भाई, बहन, सजनी, बच्चे, यार|
जब-जब ये सब साथ हों, तब-तब है त्यौहार|१७|

रमा चरण पर राखिये, श्रद्धा सह निज माथ|
दीपावली मनाइए, दीप अवलि  के साथ|१८|

दिवाली / दीवाली के दोहे

:- नवीन सी. चतुर्वेदी 

17 comments:

  1. रमा चरण पर राखिये, श्रद्धा सह निज माथ|
    दीपावली मनाइए, दीप अवलि के साथ|१८|

    नवीन जी,आपकी प्रस्तुति सुन्दर,अनुपम व लाजबाब है.
    बहुत बहुत आभार आपका इस शानदार अभिव्यक्ति के लिए.

    दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  2. दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें।

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  3. सुन्दर प्रस्तुति...
    शब्द यूँ जगमगाते रहें अपने अद्भुत अंदाज़ में!
    शुभ दीपावली!

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  4. सुन्दर प्रस्तुति...दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. जानदार दोहों के साथ शानदार दीपावली की शुभकामनाएँ

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  6. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    कल 28/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  7. बहुत ही भावविभोर करती दीपावली पर अनुपम कविता
    आपको दीपावली,भाईदूज एवं नववर्ष की ढेरों शुभकामनाएं !

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  8. अनुप्रयास की अनुपम छटा लिए हुए अद्भुत प्रस्तुति .

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  9. बुधिया को सुधि आ गयी, अम्मा की वो बात|
    दिल में रहे उमंग तो, दीवाली दिन-रात|८|
    wah....ati sunder baat hai.

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  10. हर पंक्ति प्रभावशाली.

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  11. वाह ! सुंदर दोहे ..बधाई ..

    सुंदर दोहे आपके , सुंदर सुंदर भाव |
    सुंदरता सुंदर करहि ,सुंदर सब सुख-साज ||

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  12. वाह ...बहुत बढि़या।

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  13. नीरज जी नमस्कार, बहुत सुन्दर--------------------------- यही बात कहते रहे, हर युग के विद्वान्|
    दीपक-ज्ञान जले तभी, मिटे तमस-अज्ञान|७|

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  14. wah bahut sundar dohe..deepawali ki shubhkamnayen..

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  15. लालित्यपूर्ण दोहों ने दीपावली का आनंद दुगुना कर दिया।
    शुभ दीपावली।

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