30 April 2014

चढ़ता उतरता प्यार - मुकेश कुमार सिन्हा


चढ़ता उतरता प्यार
वो मिली
चढ़ती सीढियों पर
मिल ही गयी
पहले थोड़ी
नाखून भर
फिर
पूरी की पूरी..
मन-भर
और फिर
प्यार की सीढियों
पर
चढ़ती चले गयी....

वो फिर
मिली
उन्ही सीढियों पर,
मगर, इस बार
नीचे की ओर जाती सीढ़ियों पर
आँखे नम थीं
नीचे दरवाजे तक
एक-दूसरे से आँखे टकराई
फिर दूरियाँ
सिर्फ दूरियाँ ............!!

:- मुकेश कुमार सिन्हा

9971379996

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काव्य गुरु
प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी

काव्य गुरु <br>प्रात: स्मरणीय परमादरणीय कविरत्न स्व. श्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी 'प्रीतम' जी
जन्म ११ मई १९३१
हरि शरण गमन १४ मार्च २००५

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