हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
होने देते युद्ध क्या, कभी कृष्ण भगवान।
बात, बात से मानते, अगर दुष्ट इन्सान।।
नहीं थोपना चाहिए, अपना कहीं महत्व।
लाख हमारा हो कहीं, प्रेम और अपनत्व।।