हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
हुआ 🌹
उदित 🌹
नव सूर्य 🌹
लालिमा फैली🌹
नव आस जगी 🌹
सूरज सा उगना🌹
पंख पसार उड़ो🌹
मत घबराना 🌹
आगे बढ़ना 🌹
सदा रोज🌹
सीखना 🌹
यही 🌹
है 🌹
🌷