हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
कहें क्या हुआ हमको क्या रफ़्ता-रफ़्ता
हुए इश्क़ में मुब्तिला रफ़्ता-रफ़्ता
नज़र उनकी उतरी यूं दिल में हमारे
ख़ला दिल का भरता गया रफ़्ता-रफ़्ता