दंगों में कत्लोगारत में शामिल थे वह दोनों। दोनों दूसरे धर्म के थे। इसलिए दोनों के दल एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। देर रात को जब पुलिस चारों तरफ़ फैल गई तो सभी दंगाई छिपते-छिपाते अपने-अपने घरों को जाने लगे। ऐसे में एक गली में अचानक वे दोनों अँधेरे में एक-दूसरे के सामने आ गए।
