चौं तुम
झूठी रार करौ हौ
हमैं पतौ
है प्यार करौ हौ
खुस है रयै हो घाटो खायकैं
जे कैसो
ब्योपार करौ हौ
हम काँटन्नैं
फूल करैं हैं
तुम फूलन्नैं
हार करौ हौ
या ठगनी
माया के पीछे
चौं जूतम - पैजार
करौ हौ
जो तुमकूँ ध्यावे तुम वा की
जीवन नैया
पार करौ हौ
जनता भूकी
है राजा जी
तुम छिक कें ज्यौनार करौ हौ
वा’ जी कलम के चलवैया’औ
'दीप' बिना
उजियार करौ हौ
