हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
या में बस एक अद्भुत यही बात है
प्रीत में रीत देखी नहीं जात है
या कों ब्यौपार कह कें न लज्जित करौ
प्रियतमे प्रीत जीवन की सौगात है