हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
इस जहाँ के सारे शहरों में बडा़ जाँबाज़ है,
तेरी ये तारीख़ सुनकर होता ये दिलसाज़ है,
हर हुनरवाले बशर पे होता हमको नाज़ है,
सुन के शोहरत के फसाने होता ये दिलसाज़ है!