हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
चराग़दान था, कन्दील थी, सुराही थी दुलाईयाँ थीं, रजाई थी, चारपाई थी एक इत्रदान था, एक पानदान, एक गुलदान एक आफ़ताबा, नमकदान, एक दस्तर-ख़्वान