हिन्दुस्तानी-साहित्य सेवार्थ एक शैशव-प्रयास
फूल अपने हार पर भारी पड़ा
सुर मधुर झंकार पर भारी पड़ा
हाथ ख़ुद पतवार पर भारी पड़ा
"काम ज़िम्मेदार पर भारी पड़ा
यार का ग़म यार पर भारी पड़ा"