"कविता मुंबई - 2025" का सफल आयोजन

मुम्बई में गत 20 एवं 21 सितंबर को "कविता मुंबई 2025”  का आयोजन किया गया जिसमें 73 कवियाँ ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

शोधावरी, गुजराती विभाग मुंबई विश्वविद्यालय एवं स्वर संगम फाउंडेशन मुंबई के तत्वावधान में समारोह के पहले दिन का कार्यक्रम मौलाना अबुल कलाम आजाद भवन एवं दूसरे दिन का कार्यक्रम जे पी नाइक भवन में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।


दस सत्रों में फैले दो दिनों के इस कार्यक्रम में 8 भाषाओं के कुल 73 कवि शामिल हुए जिसमें 40 कवियों एवं 33 कवयत्रियों ने काव्य पाठ किया। इन सहभागी कवियों में 44 हिन्दी कवि, 10 मराठी कवि, 7 गुजराती कवि, 11 उर्दू कवि और 1 सिंधी कवि रहे। इन भाषाओं के अलावा राजस्थानी, गोरबोली (बंजारा भाषा) एवं अँग्रेज़ी कविताओं का भी पाठ किया गया।

दृष्टि बाधित कवि विनोद असुदानी ने सिंधी कविताओं का पाठ किया। वे नागपूर यूनिवर्सिटी में सिंधी भाषा विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट हैं। समारोह में प्रयाग शुक्ल, विश्वनाथ सचदेव,  राजेंद्र गुप्ता, अनीता भारती, बोधिसत्व, अनूप सेठी,  हरीश पाठक, अभिलाष अवस्थी आदि शामिल थे।


आयोजन समिति के सदस्य थे डॉ हूबनाथ पांडेय, श्री हृदयेश मयंक, श्री रमन मिश्र, श्री राकेश शर्मा, डॉ प्रशांत जैन, डॉ रीता दास राम, श्री शैलेश सिंह एवं डॉ हरि प्रसाद राय। उद्घाटन सत्र के दौरान 'अनभै' पत्रिका के  'कथा मुंबई 2025 विशेषांक' का लोकार्पण भी किया गया। 'कथा मुंबई 2025' फरवरी 2025 में आयोजित किया गया था।


(कविता मुम्बई 2025 में नवीन सी चतुर्वेदी, अनिल गौड़ एवं प्रशान्त जैन)

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